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Section 6 bsa

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 Creation and presentation by adv.pankaj joshi  Law mahaguru  Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023 में “Motive, Preparation and Conduct” यह विषय मुख्यतः Law of Evidence की धारा 8 से संबंधित है। धारा 8 के अनुसार — किसी तथ्य के संबंध में अभिप्रेरणा (Motive), तैयारी (Preparation) तथा आचरण (Conduct) यदि विवादित तथ्य से संबंधित हों, तो वे सुसंगत (Relevant) होते हैं। 1. Motive (अभिप्रेरणा / कारण) अर्थ जब कोई व्यक्ति किसी अपराध को करने के पीछे कोई कारण या उद्देश्य रखता है, उसे Motive कहते हैं। उदाहरण A ने B की हत्या कर दी। यह साबित हुआ कि B ने A की जमीन हड़प ली थी। यह दुश्मनी हत्या का Motive है। महत्वपूर्ण बिंदु Motive अपराध का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है। लेकिन यह अपराध की संभावना को मजबूत करता है। जहाँ प्रत्यक्ष साक्ष्य कमजोर हो, वहाँ Motive महत्वपूर्ण हो जाता है। Landmark Judgment State of Uttar Pradesh v. Babu Ram सिद्धांत सुप्रीम कोर्ट ने कहा: यदि अभियोजन Motive सिद्ध कर देता है, तो परिस्थितिजन्य साक्ष्य की श्रृंखला मजबूत हो जाती है। सार अभियुक्त और मृतक में पुरानी दुश्मनी थी...

Section 5 BSA

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  Creation and presentation by adv.pankaj joshi Law by mind feeding system  Excellent content for coming APO COMPETITION  जहां सफलता एक दस्तुर है  जहां सफलता एक गुरुर है । धारा 5, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (BSA) धारा 5 का विषय है — “Facts which are occasion, cause or effect of facts in issue or relevant facts” अर्थात् ऐसे तथ्य जो किसी विवादित तथ्य (fact in issue) के अवसर, कारण, प्रभाव या परिस्थिति को दर्शाते हैं, वे प्रासंगिक (relevant) होते हैं। धारा 5 का प्रावधान यदि कोई तथ्य— किसी घटना का कारण (cause) हो, परिणाम (effect) हो, घटना घटने की परिस्थिति (state of things) को दर्शाता हो, या घटना के घटित होने का अवसर (opportunity) प्रदान करता हो, तो वह न्यायालय में प्रासंगिक साक्ष्य माना जाएगा।  सरल उदाहरण (1) हत्या का मामला यदि प्रश्न यह है कि A ने B की हत्या की या नहीं। हत्या स्थल के पास संघर्ष के निशान, खून के धब्बे, टूटी हुई वस्तुएँ आदि — ये सभी धारा 5 के अंतर्गत प्रासंगिक तथ्य हैं क्योंकि ये घटना के “effect” और “state of things” को दिखाते हैं।  (2) ज़हर ...