Essay no.2
Essay name AI IS AN AID NOT AN ADJUDICATION Or AI CAN PLAY A VITAL ROLE IN JUDICIARY Or AI AND JUDICIARY Part 1 21वीं सदी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीकी क्रांति का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। विशाल विधिक सामग्री का त्वरित विश्लेषण, न्यायिक शोध, दस्तावेजों का परीक्षण और भाषायी अनुवाद इसके प्रमुख उपयोग हैं। न्यायपालिका में AI का समुचित प्रयोग न्याय की गति, सुलभता और पारदर्शिता को बढ़ा सकता है। भारत में तकनीकी नवाचार न्यायिक प्रशासन को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में अग्रसर है। तथापि, न्याय-निर्णयन मात्र आंकड़ों का विश्लेषण नहीं, बल्कि विवेक, निष्पक्षता, संवेदनशीलता और संवैधानिक मूल्यों का समन्वय है। अतः AI को न्यायाधीश का विकल्प नहीं, बल्कि न्यायिक विवेक का सहायक साधन बनाना ही न्यायोचित होगा।