Circumstantial evidence
Circumstantial evidence in Hindi परिस्थितिजन्य साक्ष्य (Circumstantial Evidence) — हिंदी में परिस्थितिजन्य साक्ष्य वह साक्ष्य होता है जिसमें अपराध को प्रत्यक्ष रूप से देखने वाला कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं होता, बल्कि ऐसी परिस्थितियाँ और तथ्य प्रस्तुत किए जाते हैं जिनसे अपराधी की संलिप्तता का निष्कर्ष निकाला जाता है। अर्थात्, अपराध को सिद्ध करने के लिए घटनाओं की एक श्रृंखला (chain of circumstances) बनाई जाती है। उदाहरण यदि किसी व्यक्ति की हत्या बंद कमरे में हुई हो और: आरोपी को अंतिम बार मृतक के साथ देखा गया, आरोपी के कपड़ों पर खून मिला, हत्या का हथियार आरोपी से बरामद हुआ, तो ये सभी परिस्थितियाँ मिलकर आरोपी के विरुद्ध परिस्थितिजन्य साक्ष्य बनती हैं। परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आवश्यक तत्व परिस्थितियाँ पूर्ण रूप से सिद्ध होनी चाहिए। सभी परिस्थितियाँ केवल आरोपी के दोष की ओर संकेत करें। परिस्थितियों की श्रृंखला इतनी पूर्ण हो कि किसी अन्य निष्कर्ष की संभावना न रहे। संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाता है। प्रमुख सिद्धांत (Five Golden Principles) Circumstances ⇒ Complete Chain ⇒ Only...