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Fact in issue

  Fact in Issue (सरल भाषा में) भारतीय साक्ष्य अधिनियम / Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023 में “Fact in Issue” वे मुख्य तथ्य होते हैं जिनके सच या झूठ होने पर पूरा केस निर्भर करता है। यानी कोर्ट को सबसे पहले इन्हीं तथ्यों का निर्णय करना होता है। आसान परिभाषा “जिस तथ्य को साबित या गलत साबित करने से किसी व्यक्ति का अधिकार, दायित्व या अपराध तय होता है, उसे Fact in Issue कहते हैं।” आसान उदाहरण 1. Murder Case (हत्या का मामला) राम पर आरोप है कि उसने श्याम की हत्या की। Fact in Issue: क्या श्याम की मृत्यु हुई? क्या श्याम की मृत्यु हत्या थी? क्या हत्या राम ने की? यदि यह साबित हो जाए कि राम ने हत्या की, तो वह दोषी होगा। 2. Theft Case (चोरी का मामला) मोहन पर आरोप है कि उसने दुकान से मोबाइल चुराया। Fact in Issue: क्या मोबाइल चोरी हुआ? क्या मोबाइल मोहन ने लिया? क्या उसने बेईमानी से लिया? 3. Rape Case एक महिला आरोप लगाती है कि आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया। Fact in Issue: क्या शारीरिक संबंध बने? क्या बिना सहमति के बने? क्या आरोपी वही व्यक्ति था? 4. Contract Case (समझौते का विवाद) A कहता है कि ...

Dynamite questions for judiciary exam

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   Creation and presentation by adv.pankaj joshi 109 Chitrakoot colony kalwar road jhotwara jaipur  2. यदि एक अभियुक्त पुलिस हिरासत में अपराध स्वीकार करता है और दूसरे अभियुक्त का नाम लेता है, तो क्या वह स्वीकारोक्ति दूसरे अभियुक्त के विरुद्ध साक्ष्य होगी? उत्तर: । 3. सह-अभियुक्त की स्वीकारोक्ति और Approver (क्षमादान प्राप्त गवाह) के बयान में क्या अंतर है? 4. क्या मृत सह-अभियुक्त की confession दूसरे अभियुक्तों के विरुद्ध उपयोग की जा सकती है? उत्तर: 5. “Confession of accomplice is evidence of a very weak type.” Explain. 6. क्या सह-अभियुक्त की confession substantive evidence होती है? उत्तर: 7. यदि दो अभियुक्तों का संयुक्त विचारण (joint trial) नहीं हो रहा है, तो क्या एक की confession दूसरे के विरुद्ध पढ़ी जा सकती है? 8. Confession और Admission में मुख्य अंतर क्या है? 9. क्या Extra-Judicial Confession से conviction हो सकती है? 10. पुलिस अधिकारी के सामने की गई confession सामान्यतः inadmissible क्यों है?