AI AND JUDICIARY PART 2
AI AND JUDICIARY PART 2 भारतीय संविधान न्याय, स्वतंत्रता, समानता और विधि के शासन को लोकतंत्र की आधारशिला मानता है। न्यायपालिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग इन संवैधानिक मूल्यों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकता है। AI द्वारा न्यायिक निर्णयों का शोध, दस्तावेजों का विश्लेषण, अनुवाद तथा मामलों का वर्गीकरण शीघ्रता से किया जा सकता है। इससे संविधान के अनुच्छेद 14 के समानता के अधिकार और अनुच्छेद 21 के त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय के उद्देश्य को बल मिल सकता है। तथापि, AI न्यायाधीश का विकल्प नहीं हो सकता। मानवीय विवेक, न्यायिक स्वतंत्रता, निष्पक्षता, गोपनीयता और प्राकृतिक न्याय की रक्षा सर्वोपरि रहनी चाहिए।