Hostile witness
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Hostile Witness (शत्रुतापूर्ण साक्षी) — हिंदी में
अर्थ (Meaning)
जब कोई गवाह (Witness) अदालत में अपने पहले दिए गए बयान से मुकर जाता है, पक्ष बदल देता है, या जानबूझकर सत्य छिपाने लगता है, तब उसे Hostile Witness (शत्रुतापूर्ण साक्षी) कहा जाता है।
भारतीय साक्ष्य अधिनियम / भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (BSA) के अनुसार अदालत अभियोजन पक्ष को ऐसे गवाह से प्रतिपरीक्षण (Cross-Examination) की अनुमति दे सकती है।
मुख्य बिंदु
गवाह अपने पुलिस बयान से अलग बयान दे।
अभियोजन पक्ष के खिलाफ बोलने लगे।
जानबूझकर सच छिपाए।
अदालत की अनुमति से उसे hostile घोषित किया जाता है।
Landmark Judgements
1. Sat Paul v. Delhi Administration
सिद्धांत
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि:
केवल hostile घोषित होने से गवाह की पूरी गवाही बेकार नहीं हो जाती।
गवाही का वह भाग जो विश्वसनीय हो, अदालत स्वीकार कर सकती है।
महत्वपूर्ण बात
“Hostile witness की testimony को पूरी तरह reject नहीं किया जाएगा।”
2. State of U.P. v. Ramesh Prasad Misra
सिद्धांत
hostile witness की गवाही का भरोसेमंद हिस्सा साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है।
यदि अन्य साक्ष्यों से corroboration मिलता है, तो दोषसिद्धि संभव है।
3. Koli Lakhmanbhai Chanabhai v. State of Gujarat
सिद्धांत
hostile witness होने मात्र से उसकी पूरी गवाही अस्वीकार्य नहीं होती।
अदालत सत्य भाग को अलग करके स्वीकार कर सकती है।
सरल उदाहरण (Movie Example)
मान लीजिए किसी फिल्म में हत्या का प्रत्यक्षदर्शी पुलिस को बयान देता है कि उसने आरोपी को गोली चलाते देखा।
लेकिन अदालत में:
वह कहता है “मैंने कुछ नहीं देखा”
या आरोपी के पक्ष में बयान देता है
तो अभियोजन पक्ष अदालत से अनुरोध करेगा कि उसे Hostile Witness घोषित किया जाए।
इसके बाद:
सरकारी वकील उसी गवाह से Cross-Examination कर सकता है।
उसके पुराने बयान से विरोधाभास दिखाया जा सकता है।
Flow Chart
गवाह ने पुलिस को बयान दिया
↓
अदालत में बयान बदल दिया
↓
अभियोजन पक्ष ने अनुमति मांगी
↓
अदालत ने hostile घोषित किया
↓
Cross-Examination की अनुमति
↓
पुराने बयान से विरोधाभास साबित
महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत
Hostile witness की पूरी गवाही स्वतः निरस्त नहीं होती।
विश्वसनीय भाग स्वीकार किया जा सकता है।
अदालत corroborative evidence देखती है।
केवल hostile होने से आरोपी स्वतः बरी नहीं होता।
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