Answers of BSA
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2. यदि एक अभियुक्त पुलिस हिरासत में अपराध स्वीकार करता है और दूसरे अभियुक्त का नाम लेता है, तो क्या वह स्वीकारोक्ति दूसरे अभियुक्त के विरुद्ध साक्ष्य होगी?
उत्तर:
सामान्यतः नहीं। पुलिस के समक्ष की गई confession admissible नहीं होती। यदि confession मजिस्ट्रेट के समक्ष वैध रूप से दर्ज हुई हो, तभी सीमित रूप से दूसरे सह-अभियुक्त के विरुद्ध consideration में ली जा सकती है।
3. सह-अभियुक्त की स्वीकारोक्ति और Approver (क्षमादान प्राप्त गवाह) के बयान में क्या अंतर है?
| आधार | सह-अभियुक्त की स्वीकारोक्ति | Approver का बयान |
|---|---|---|
| स्थिति | अभी भी आरोपी | माफी पाकर गवाह |
| शपथ | नहीं | शपथ पर |
| Cross-examination | सामान्यतः नहीं | होता है |
| Evidentiary Value | कमजोर | अधिक मजबूत |
4. क्या मृत सह-अभियुक्त की confession दूसरे अभियुक्तों के विरुद्ध उपयोग की जा सकती है?
उत्तर:
बहुत सीमित परिस्थितियों में। यदि confession विधि अनुसार recorded हो और trial joint हो, तभी consideration संभव है। परंतु अकेले उस आधार पर conviction नहीं दी जा सकती।
5. “Confession of accomplice is evidence of a very weak type.” Explain.
उत्तर:
क्योंकि accomplice स्वयं अपराध में शामिल होता है और अपने बचाव या लाभ के लिए झूठ बोल सकता है। इसलिए न्यायालय corroboration खोजता है।
6. क्या सह-अभियुक्त की confession substantive evidence होती है?
उत्तर:
नहीं। यह substantive evidence नहीं मानी जाती। यह केवल supporting circumstance के रूप में उपयोग की जाती है।
7. यदि दो अभियुक्तों का संयुक्त विचारण (joint trial) नहीं हो रहा है, तो क्या एक की confession दूसरे के विरुद्ध पढ़ी जा सकती है?
उत्तर:
नहीं। Co-accused confession तभी relevant होती है जब:
Joint trial हो
Confession स्वयं अभियुक्त को भी implicate करे
वही अपराध हो
8. Confession और Admission में मुख्य अंतर क्या है?
| Confession | Admission |
|---|---|
| अपराध स्वीकार करना | किसी तथ्य को स्वीकार करना |
| केवल criminal cases में | Civil व criminal दोनों में |
| पूर्ण guilt दर्शाता है | जरूरी नहीं guilt दर्शाए |
9. क्या Extra-Judicial Confession से conviction हो सकती है?
उत्तर:
हाँ, यदि confession voluntary, truthful और reliable हो तथा corroboration उपलब्ध हो।
Landmark Judgment:
State of Uttar Pradesh v. M.K. Anthony
10. पुलिस अधिकारी के सामने की गई confession सामान्यतः inadmissible क्यों है?
उत्तर:
क्योंकि दबाव, भय, प्रलोभन या torture की संभावना रहती है। इसलिए कानून accused के अधिकारों की रक्षा करता है।
One-Line Revision Tricks
“Accomplice confession = weak evidence.”
“Joint trial necessary.”
“Corroboration safest rule.”
“Police confession generally barred.”
“Approver stronger than co-accused confession.”
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