Example of section 9
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Creation and presentation by adv.pankaj joshi
जहां सफलता एक दस्तुर है
जहां सफलता एक गुरूर है
BSA धारा 9 (Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023)
धारा 9 — जब अन्यथा अप्रासंगिक तथ्य प्रासंगिक हो जाते हैं
English Text (Simplified):
Facts not otherwise relevant are relevant—
if they are inconsistent with any fact in issue or relevant fact; or
if by themselves or along with other facts they make the existence or non-existence of a fact in issue highly probable or improbable.
आसान हिन्दी में
सामान्यतः जो तथ्य मामले से सम्बन्धित नहीं होते, वे भी प्रासंगिक (Relevant) हो जाते हैं यदि—
वे किसी विवादित तथ्य (Fact in Issue) का खंडन करते हों; या
वे यह साबित करें कि कोई घटना होना या न होना बहुत अधिक सम्भावित (Probable) या असम्भावित (Improbable) है।
यह धारा मुख्य रूप से Plea of Alibi (अनुपस्थिति का बचाव) तथा ऐसे तथ्यों पर लागू होती है जो किसी घटना के होने या न होने की संभावना को प्रभावित करते हैं।
Plea of Alibi (एलिबाई)
Alibi का अर्थ है — "किसी अन्य स्थान पर होना"।
यदि अभियुक्त यह साबित कर दे कि अपराध के समय वह किसी दूसरे स्थान पर था, तो उसका अपराध करना असम्भव या अत्यन्त असम्भावित हो जाता है।
उदाहरण 1
जयपुर में रात 8 बजे हत्या हुई।
अभियुक्त रमेश यह साबित कर देता है कि उसी समय वह दिल्ली एयरपोर्ट के CCTV में दिखाई दे रहा था।
यह तथ्य धारा 9 के अन्तर्गत प्रासंगिक होगा क्योंकि यह रमेश द्वारा अपराध किए जाने की संभावना को बहुत कम कर देता है।
पुस्तक वाला उदाहरण
Illustration (a)
प्रश्न है कि A ने चेन्नई में अपराध किया या नहीं।
यदि यह सिद्ध हो जाए कि उसी दिन A लद्दाख में था, तो यह तथ्य प्रासंगिक होगा क्योंकि उसका चेन्नई में अपराध करना अत्यन्त असम्भावित हो जाता है।
और उदाहरण
उदाहरण 2 – परीक्षा में नकल
कॉलेज का आरोप है कि मोहन ने जयपुर के परीक्षा केन्द्र में नकल की।
मोहन यह सिद्ध करता है कि उस दिन वह अस्पताल में भर्ती था।
अस्पताल का रिकॉर्ड धारा 9 के अन्तर्गत प्रासंगिक होगा।
उदाहरण 3 – बैंक डकैती
बैंक में 11 बजे डकैती हुई।
पुलिस ने राहुल को आरोपी बनाया।
राहुल के मोबाइल की लोकेशन और टोल प्लाजा रिकॉर्ड बताते हैं कि वह उस समय 300 किलोमीटर दूर था।
ये तथ्य धारा 9 के अन्तर्गत प्रासंगिक होंगे।
उदाहरण 4 – चोरी का मामला
घर में चोरी हुई।
संदेह A, B, C और D पर है।
यदि CCTV से साबित हो जाए कि B और C शहर से बाहर थे और D अस्पताल में भर्ती था, तो यह तथ्य प्रासंगिक होंगे क्योंकि अपराध करने की संभावना केवल A पर रह जाती है।
उदाहरण 5 – रिश्वत का आरोप
किसी अधिकारी पर 2 बजे रिश्वत लेने का आरोप है।
अधिकारी यह दिखाता है कि उसी समय वह जिला न्यायालय में सुनवाई में उपस्थित था।
कोर्ट की उपस्थिति रजिस्टर धारा 9 के अन्तर्गत प्रासंगिक होगी।
Landmark Judgments
1. Binay Kumar Singh v. State of Bihar
सिद्धांत
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि Alibi एक विशेष बचाव (Special Defence) है।
यदि अभियुक्त Alibi का दावा करता है, तो उसे इसे विश्वसनीय साक्ष्य से सिद्ध करना होगा।
महत्वपूर्ण बिंदु
अभियोजन (Prosecution) को पहले अपराध सिद्ध करना होगा।
उसके बाद Alibi का भार अभियुक्त पर होगा।
Alibi स्पष्ट और ठोस साक्ष्य से साबित होना चाहिए।
2. Dudh Nath Pandey v. State of Uttar Pradesh
सिद्धांत
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि Alibi का बचाव तभी स्वीकार होगा जब अभियुक्त यह साबित कर दे कि वह अपराध स्थल पर उपस्थित ही नहीं हो सकता था।
यदि Alibi में संदेह हो, तो न्यायालय उसे स्वीकार नहीं करेगा।
3. Sahabuddin v. State of Assam
सिद्धांत
केवल मौखिक बयान पर्याप्त नहीं है।
Alibi को स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य जैसे—
CCTV,
यात्रा रिकॉर्ड,
होटल रिकॉर्ड,
मोबाइल लोकेशन,
स्वतंत्र गवाह
से सिद्ध किया जाना चाहिए।
परीक्षा हेतु One-Liner
धारा 9 BSA = ऐसे तथ्य जो सामान्यतः अप्रासंगिक हैं, परन्तु यदि वे किसी तथ्य को अत्यधिक सम्भावित या असम्भावित बनाते हैं, तो वे प्रासंगिक हो जाते हैं।
याद रखने का ट्रिक
"Alibi = Anywhere Else"
यदि अभियुक्त अपराध के समय कहीं और था, तो धारा 9 लागू होगी।
धारा 9 BSA (Facts making existence or non-existence of fact in issue probable or improbable) – अतिरिक्त उदाहरण
1. हत्या का मामला (Alibi)
रात 10 बजे जयपुर में हत्या हुई।
अभियुक्त A यह साबित करता है कि वह उसी समय मुंबई से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट में था। एयरलाइन रिकॉर्ड और CCTV उपलब्ध हैं।
➡️ यह तथ्य प्रासंगिक है क्योंकि A का जयपुर में होना अत्यंत असम्भावित हो जाता है।
2. अपहरण का मामला
बच्चे का अपहरण सुबह 9 बजे हुआ।
अभियुक्त B स्कूल में शिक्षक के रूप में उपस्थिति रजिस्टर और CCTV से अपनी उपस्थिति सिद्ध करता है।
➡️ यह तथ्य अपहरण में उसकी भागीदारी को असम्भावित बनाता है।
3. सड़क दुर्घटना
आरोप है कि C ने कार से टक्कर मारी।
C यह सिद्ध करता है कि दुर्घटना के समय उसकी कार सर्विस सेंटर में खड़ी थी।
➡️ यह तथ्य प्रासंगिक होगा।
4. बैंक धोखाधड़ी
किसी खाते से ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई।
अभियुक्त D साबित करता है कि घटना के समय उसका मोबाइल और लैपटॉप पुलिस द्वारा किसी अन्य मामले में जब्त थे।
➡️ धोखाधड़ी करने की संभावना कम हो जाती है।
5. परीक्षा में प्रतिरूपण (Impersonation)
आरोप है कि E ने किसी अन्य व्यक्ति की जगह परीक्षा दी।
E अस्पताल के ऑपरेशन रिकॉर्ड प्रस्तुत करता है कि वह उसी समय ऑपरेशन थिएटर में था।
➡️ यह तथ्य प्रासंगिक होगा।
6. रिश्वत का मामला
अधिकारी F पर 3 बजे रिश्वत लेने का आरोप है।
F न्यायालय के आदेश और वीडियो रिकॉर्ड से सिद्ध करता है कि वह उसी समय अदालत में उपस्थित था।
➡️ रिश्वत लेने की संभावना असम्भावित हो जाती है।
7. चोरी का मामला
दुकान में चोरी रात 1 बजे हुई।
अभियुक्त G जेल में बंद था और जेल रिकॉर्ड उपलब्ध है।
➡️ चोरी करना लगभग असम्भव हो जाता है।
8. आगजनी (Arson)
आरोप है कि H ने गोदाम में आग लगाई।
H यह साबित करता है कि घटना के समय वह विदेश में था और उसके पास पासपोर्ट, इमिग्रेशन तथा होटल रिकॉर्ड हैं।
➡️ यह धारा 9 के अंतर्गत प्रासंगिक तथ्य है।
9. नकली हस्ताक्षर का मामला
आरोप है कि I ने एक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए।
I साबित करता है कि जिस दिन दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर बताए गए हैं, वह ICU में बेहोश था।
➡️ हस्ताक्षर करने की संभावना अत्यन्त कम हो जाती है।
10. साइबर अपराध
आरोप है कि J ने रात 11 बजे एक आपत्तिजनक ई-मेल भेजा।
J यह साबित करता है कि उस समय उसका इंटरनेट कनेक्शन बंद था और वह ट्रेन में यात्रा कर रहा था।
➡️ यह तथ्य प्रासंगिक होगा।
महत्वपूर्ण न्यायिक उदाहरण
Binay Kumar Singh
सिद्धांत: Alibi का भार (burden) अभियुक्त पर होता है। उसे यह सिद्ध करना होगा कि वह अपराध स्थल पर मौजूद नहीं था।
Dudh Nath Pandey
सिद्धांत: Alibi तभी स्वीकार होगा जब अभियुक्त यह दिखा दे कि उसका अपराध स्थल पर होना असम्भव था।
CLAT/RJS/JLO परीक्षा हेतु ट्रिक
धारा 9 = "Probability Section"
यदि कोई तथ्य यह दिखाए कि अपराधी का घटना स्थल पर होना:
असंभव (Impossible) है, या
बहुत असम्भावित (Highly Improbable) है,
तो वह तथ्य धारा 9 के अंतर्गत प्रासंगिक होगा।
एक पंक्ति में
"जो तथ्य किसी विवादित तथ्य के होने या न होने की संभावना को बढ़ाते या घटाते हैं, वे धारा 9 BSA के अंतर्गत प्रासंगिक हैं।"
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