BNSS section 491 to 500
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Section 491 to 500 bnss
धारा 491 – बंधपत्र (Bond) के जब्त होने की प्रक्रिया
यदि किसी व्यक्ति या जमानतदार द्वारा बंधपत्र की शर्तों का उल्लंघन किया जाता है, तो न्यायालय कारण बताओ नोटिस देगा। संतोषजनक कारण न मिलने पर जुर्माना वसूला जाएगा, और आवश्यक होने पर दंड भी दिया जा सकता है।
धारा 492 – बंधपत्र और जमानत बंधपत्र का निरस्तीकरण
यदि बंधपत्र जब्त हो जाता है या शर्तों का उल्लंघन होता है, तो न्यायालय पुराने बंधपत्र को रद्द कर नया बंधपत्र भरवाने का आदेश दे सकता है।
धारा 493 – जमानतदार की मृत्यु, दिवालियापन या बंधपत्र जब्त होने पर प्रक्रिया
यदि जमानतदार मर जाए, दिवालिया हो जाए या बंधपत्र जब्त हो जाए, तो न्यायालय नया जमानतदार या नया बंधपत्र प्रस्तुत करने का आदेश दे सकता है।
धारा 494 – बच्चे (Child) से बंधपत्र
यदि किसी बच्चे को रिहा किया जाना हो, तो न्यायालय बच्चे से बंधपत्र लेने के बजाय उसके अभिभावक/जमानतदार से बंधपत्र ले सकता है।
धारा 495 – धारा 491 के आदेश के विरुद्ध अपील
यदि मजिस्ट्रेट ने धारा 491 के अंतर्गत कोई आदेश पारित किया है, तो उसके विरुद्ध सत्र न्यायालय में अपील की जा सकती है।
धारा 496 – बंधपत्र की राशि की वसूली का अधिकार
उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय किसी मजिस्ट्रेट को बंधपत्र की देय राशि वसूलने का निर्देश दे सकता है।
धारा 497 – विचारण लंबित रहने तक संपत्ति की अभिरक्षा और निस्तारण
जांच, पूछताछ या विचारण के दौरान न्यायालय जब्त संपत्ति की सुरक्षित अभिरक्षा, संरक्षण, बिक्री या अन्य उचित व्यवस्था का आदेश दे सकता है, विशेषकर यदि संपत्ति नष्ट होने वाली हो।
धारा 498 – विचारण समाप्त होने पर संपत्ति का निस्तारण
मुकदमे के समाप्त होने पर न्यायालय संपत्ति को उसके वास्तविक स्वामी को लौटाने, जब्त करने, नष्ट करने या अन्य उपयुक्त आदेश पारित कर सकता है।
धारा 499 – निर्दोष क्रेता को भुगतान
यदि किसी व्यक्ति ने चोरी का माल सद्भावना (Good Faith) में खरीदा था, तो न्यायालय चोरी का माल लौटाने के बाद आरोपी से बरामद धन में से उस निर्दोष खरीदार को भुगतान करने का आदेश दे सकता है।
धारा 500 – धारा 498 या 499 के आदेश के विरुद्ध अपील
धारा 498 या 499 के अंतर्गत पारित आदेशों के विरुद्ध विधि के अनुसार अपील की जा सकती है।
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