Essay no.3 UCC

 समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code—UCC) भारत में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण तथा भरण-पोषण जैसे व्यक्तिगत विषयों में समान नागरिक कानून की परिकल्पना है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को निर्देश दिया गया है कि वह भारत के समस्त क्षेत्र में नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करे। इसका उद्देश्य नागरिक कानूनों में समानता, न्याय और विधिक एकरूपता को बढ़ावा देना है। साथ ही, UCC का प्रश्न धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक विविधता और व्यक्तिगत अधिकारों से भी जुड़ा है। अतः इसके संबंध में समानता और विविधता के बीच संवैधानिक संतुलन महत्वपूर्ण है।

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