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Section 7 bsa

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  Creation and presentation by adv.pankaj joshi  जहां सफलता एक दस्तुर है  जहां सफलता एक गुरुर है  धारा 7, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (BSA) विषय (Subject) विवादित तथ्य (Fact in Issue) या प्रासंगिक तथ्य (Relevant Fact) को समझाने, परिचित कराने, उसकी पहचान स्थापित करने, समय-स्थान निश्चित करने अथवा पक्षकारों के संबंध दर्शाने वाले तथ्य प्रासंगिक होते हैं। धारा 7 का मूल प्रावधान ऐसे तथ्य प्रासंगिक (Relevant) हैं जो— विवादित तथ्य को समझाने या प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक हों। किसी विवादित तथ्य से निकलने वाले अनुमान (Inference) का समर्थन या खंडन करते हों। किसी व्यक्ति या वस्तु की पहचान स्थापित करते हों। घटना का समय या स्थान निश्चित करते हों। पक्षकारों के पारस्परिक संबंध को दर्शाते हों। यह धारा न्यायालय को घटना की पृष्ठभूमि (Background Facts) समझने में सहायता करती है।  सरल उदाहरण उदाहरण 1: हत्या का मामला A पर B की हत्या का आरोप है। अभियोजन यह साबित करता है कि— हत्या रात 10 बजे हुई। घटना स्थल के पास लगे CCTV में A को 9:45 बजे देखा गया। A का मोबाइल लोकेशन भी उसी स्थान पर ...

Section 6 bsa

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 Creation and presentation by adv.pankaj joshi  Law mahaguru  Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023 में “Motive, Preparation and Conduct” यह विषय मुख्यतः Law of Evidence की धारा 8 से संबंधित है। धारा 8 के अनुसार — किसी तथ्य के संबंध में अभिप्रेरणा (Motive), तैयारी (Preparation) तथा आचरण (Conduct) यदि विवादित तथ्य से संबंधित हों, तो वे सुसंगत (Relevant) होते हैं। 1. Motive (अभिप्रेरणा / कारण) अर्थ जब कोई व्यक्ति किसी अपराध को करने के पीछे कोई कारण या उद्देश्य रखता है, उसे Motive कहते हैं। उदाहरण A ने B की हत्या कर दी। यह साबित हुआ कि B ने A की जमीन हड़प ली थी। यह दुश्मनी हत्या का Motive है। महत्वपूर्ण बिंदु Motive अपराध का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है। लेकिन यह अपराध की संभावना को मजबूत करता है। जहाँ प्रत्यक्ष साक्ष्य कमजोर हो, वहाँ Motive महत्वपूर्ण हो जाता है। Landmark Judgment State of Uttar Pradesh v. Babu Ram सिद्धांत सुप्रीम कोर्ट ने कहा: यदि अभियोजन Motive सिद्ध कर देता है, तो परिस्थितिजन्य साक्ष्य की श्रृंखला मजबूत हो जाती है। सार अभियुक्त और मृतक में पुरानी दुश्मनी थी...